Abacus (एबेकस) क्या है?

एबेकस एक प्राचीन गणना करने का उपकरण है, जिसका उपयोग गिनती, जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसे गणितीय कार्यों को करने के लिए किया जाता है। इसे हिंदी में गिनती पट्टी या गणना पट्टी भी कहा जाता है।

👉 यह एक लकड़ी या प्लास्टिक का फ्रेम होता है, जिसमें क्षैतिज छड़ (rods) लगी होती हैं और हर छड़ पर मनकों (beads) की एक निश्चित संख्या होती है। इन मनकों को ऊपर-नीचे करके संख्याओं को दर्शाया जाता है।

👉 पुराने समय में कैलकुलेटर या कंप्यूटर नहीं होते थे, तब व्यापारी और गणितज्ञ एबेकस की मदद से जटिल गणनाएँ जल्दी और सटीक तरीके से करते थे।

👉 आज भी कई देशों में बच्चों को गणित सिखाने के लिए एबेकस का उपयोग किया जाता है, क्योंकि यह बच्चों की मानसिक गणना (Mental Math) और गणितीय सोच को विकसित करता है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • सबसे पुराना गणना करने का यंत्र

  • आसान और पोर्टेबल

  • मानसिक गणना की क्षमता बढ़ाता है

  • आजकल शिक्षा में बच्चों को गणित सिखाने के लिए प्रयोग होता है

एबेकस (Abacus) किसने बनाया था?

एबेकस की सटीक खोज किसने की थी, इसका कोई पक्का प्रमाण नहीं है, क्योंकि यह बहुत ही प्राचीन यंत्र है। लेकिन इतिहासकारों के अनुसार इसका उपयोग लगभग 2500 से 3000 साल पहले शुरू हुआ था।

👉 सबसे पहले मेसोपोटामिया (आज का इराक) में इसका उपयोग किया गया।
👉 बाद में इसे चीन, मिस्र, ग्रीस, रोम और भारत में भी अपनाया गया।
👉 चीन में इस्तेमाल होने वाले एबेकस को “Suanpan” (सुआनपान) कहा जाता है, और यह लगभग 200 ईसा पूर्व से प्रयोग में है।
👉 जापान में इसे Soroban (सोरबान) नाम से जाना जाता है।

यानि यह कहना सही होगा कि एबेकस किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं बनाया गया, बल्कि यह अलग-अलग सभ्यताओं ने अपनी ज़रूरतों के अनुसार विकसित किया।

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